HighLights:
- गया में रानू सिंह हत्याकांड की जांच में पुलिस की कार्रवाई तेज
- मुठभेड़ में दो मुख्य आरोपितों के पैर में लगी गोली, अस्पताल में इलाज जारी
- खिजरसराय के बिंदौल गांव से राहुल कुमार गिरफ्तार, दो हथियार और तीन गोलियां बरामद
- पहले सेवानिवृत्त दरोगा नागेंद्र सिंह उर्फ नरेंद्र सिंह समेत दो आरोपितों की हो चुकी है गिरफ्तारी
गया (Threesocieties.com Desk): बिहार के गया जिले में दरोगा पुत्र रानू शेखर उर्फ रानू सिंह हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। हत्याकांड के आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस और आरोपितों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान दो मुख्य आरोपितों के पैर में गोली लगी। दोनों को पुलिस अभिरक्षा में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। मुठभेड़ के बाद खिजरसराय थाना क्षेत्र के बिंदौल गांव से राहुल कुमार को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। उसके पास से दो हथियार और तीन गोलियां बरामद होने की बात कही गई है। पुलिस अब बरामद हथियारों की जांच करने के साथ गिरफ्तार आरोपित की भूमिका का पता लगा रही है।
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इस मामले में इससे पहले सेवानिवृत्त दरोगा नागेंद्र सिंह उर्फ नरेंद्र सिंह और गौरव कुमार की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई थी। हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सुशील कुमार ने डीएसपी अभिनव कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। टीम अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
आधी रात बिच्छी गांव के पास पुलिस और आरोपितों में मुठभेड़
रानू सिंह हत्याकांड के आरोपितों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इसी अभियान के दौरान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बिच्छी गांव के पास शुक्रवार की देर रात करीब दो बजे पुलिस और आरोपितों के बीच मुठभेड़ हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ में दो आरोपितों के पैर में गोली लगी। शुरुआती जानकारी में उनकी पहचान श्याम बिहारी और गौरव उर्फ काला के रूप में बताई गई, जबकि बाद की रिपोर्ट में घायल आरोपितों के नाम साकेत बिहारी उर्फ बिहारी सिंह और गौरव सिंह बताए गए हैं। दोनों की पहचान और नामों को लेकर आधिकारिक पुलिस विवरण से अंतिम पुष्टि जरूरी है।
गया के एसएसपी सुशील कुमार ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। घायल आरोपितों को पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एपी आनंद के अनुसार, दोनों घायलों के पैर में लगी गोली निकाल दी गई है। फिलहाल उनकी स्थिति ठीक बताई गई है और इलाज जारी है। मुफस्सिल थाना अध्यक्ष देवराज इंद्र ने भी दो लोगों के घायल होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
खिजरसराय से राहुल कुमार गिरफ्तार, दो हथियार बरामद
हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने खिजरसराय थाना क्षेत्र के बिंदौल गांव से राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान उसके पास से दो हथियार और तीन गोलियां बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस बरामद हथियारों और गोलियों की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनका इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात में हुआ है या नहीं। साथ ही, रानू सिंह हत्याकांड में राहुल कुमार की भूमिका और अन्य आरोपितों से उसके संबंधों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इस गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही उसकी कथित भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता हत्याकांड में शामिल सभी आरोपितों तक पहुंचना और घटना के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाना है।
सेवानिवृत्त दरोगा समेत दो आरोपितों की गिरफ्तारी
रानू सिंह हत्याकांड में पुलिस ने इससे पहले सेवानिवृत्त दरोगा नागेंद्र सिंह उर्फ नरेंद्र सिंह और गौरव कुमार, पिता दिलीप सिंह, को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी थी। दोनों को सिद्धार्थपुरी इलाके से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किए जाने की बात कही गई थी। बताया जा रहा है कि सेवानिवृत्त दरोगा नागेंद्र सिंह घायल आरोपित श्याम बिहारी के पिता हैं। हालांकि, पारिवारिक संबंध के आधार पर किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता तय नहीं की जा सकती। हत्याकांड में उनकी भूमिका और अन्य आरोपितों के साथ कथित संबंधों का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा। पुलिस ने मृतक के पिता सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के लिखित आवेदन पर मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में सात नामजद और पांच अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है। प्राथमिकी में दर्ज आरोपों की स्वतंत्र रूप से न्यायिक जांच होनी बाकी है।
19 अक्टूबर की रात गोलीबारी में हुई थी रानू सिंह की हत्या
गया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में 19 अक्टूबर 2026 की देर रात करीब 11:30 बजे गोलीबारी की घटना हुई थी। यह वारदात मानपुर के नौरंगा आहार के पास सिद्धार्थपुरी कॉलोनी के नजदीक हुई थी। इस गोलीबारी में मोतिहारी में तैनात दरोगा सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के छोटे बेटे रानू शेखर उर्फ रानू सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के समय उनकी उम्र करीब 30 वर्ष बताई गई। गोलीबारी में रानू सिंह के बड़े भाई मोनू शेखर उर्फ मोनू सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। परिवार के लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर दो आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी भी दी थी।
दुर्गापूजा के दौरान विवाद की बात, वर्चस्व के एंगल से जांच
शुरुआती जानकारी के अनुसार, रानू सिंह हत्याकांड के पीछे दुर्गापूजा के दौरान प्रतिमा स्थल के पास फायरिंग को लेकर हुआ विवाद संभावित वजह बताई जा रही है। इस विवाद को आपसी वर्चस्व की लड़ाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह और गोलीबारी में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस पुराने विवाद, आपसी रंजिश और घटना से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात की योजना कैसे बनी, गोलीबारी में कौन-कौन शामिल था और आरोपितों को हथियार कहां से मिले। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ तथा बरामद हथियारों की जांच इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है।
एसटीएफ और एसआईटी की टीम कर रही छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए गया पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। डीएसपी अभिनव कुमार के नेतृत्व में गठित टीम आरोपितों की तलाश और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, छापेमारी अभियान में एसटीएफ के जवानों की भी भूमिका रही है। डीएसपी अभिनव कुमार ने बताया कि रानू सिंह हत्याकांड में पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है। फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ, बरामद हथियारों की जांच और अन्य संदिग्धों की तलाश के जरिए घटना की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
बेटी का जन्मदिन मनाने के कुछ दिन बाद उजड़ा परिवार
रानू सिंह हत्याकांड से जुड़ी एक भावनात्मक जानकारी भी सामने आई है। बताया गया कि रानू सिंह ने अपनी बेटी का जन्मदिन घटना से करीब एक सप्ताह पहले मनाया था। अब पिता की मौत से मासूम बच्ची अनजान है। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक ओर रानू सिंह की मौत से परिवार शोक में है, वहीं उनके बड़े भाई मोनू सिंह के घायल होने के बाद उनके इलाज को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
फरार आरोपितों की गिरफ्तारी पर टिकी नजर
मुठभेड़ में दो आरोपितों के घायल होने और खिजरसराय से एक अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। इससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है, लेकिन हत्याकांड की पूरी साजिश और सभी आरोपितों की भूमिका का खुलासा होना अभी बाकी है।पुलिस का कहना है कि फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पूछताछ, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्याकांड के पीछे की वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका कब तक स्पष्ट हो पाती है।