- हालत गंभीर घटना
धनबाद। कोयला राजधानी धनबाद के बरवाअड्डा पुलिस स्टेशन एरिया के पांडेय बरवा में एक ही फैमिली को चार लोगों ने जहर खाकर सुसाइड करने की कोशिश की है। सभी को गंभीर स्थिति में इलाज के लिए धनबाद SNMMCH में एडमिट कराया गया है। इनमें पांडेय बरवा निवासी टीपन महतो (45), उनकी पत्नी दुखिया देवी (40), दंपत्ति की बड़ी बेटी गीता देवी (26) और छोटी बेटी संगीता कुमारी (18) शामिल है।
यह भी पढ़ें:Jharkhand: ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर के 24 ठिकानों पर ED की रेड
और भी पढ़ें
- धनबाद-शकूर बस्ती समेत 20 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, दिवाली-छठ पर वेटिंग से राहत
- बिहार MLC चुनाव: BJP को 3 सीटें, पटना में 30 साल बाद हारी, RJD ने मारी बाजी
- धनबाद: झरिया में अग्रसेन जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, झांकियों ने मोहा मन
- 1 घंटे खड़े रहकर धनबाद DC ने सुनी फरियाद, बुजुर्ग को 2 महीने बाद मिला राशन

हॉस्पिटल में इलाजरत दुखिया देवी ने घटना के संबंध में बताया कि उनकी बड़ी बेटी गीता का तीन माह के बच्चे का इलाज कराने के लिए वे सोमवार को कोलकाता ले जा रहे थे। लेकिन रास्ते मे ही बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद वे सभी नवजात की बॉडी लेकर वापस घर पहुंचे। घर पहुंचने के बाद उनकी बेटी गीता देवी चीखने चिल्लाने लगी। रो रोकर उसका बुरा हाल था। उन्होंने कहा कि बच्चे की मौत के सदमे आकर सभी ने आज अहले सुबह जहर खा कर जान देने की कोशिश की।महिला नेबताया कि बड़ी बेटी की शादी उन्होंने बड़े ही धूमधाम से टुंडी के रहनेवाले एक युवक से किया था। बेटी को ससुराल में अक्सर प्रताड़ित किया जाता है। ससुराल वालों की प्रताड़ना और बच्चे का इलाज नही कराये जाने के बाद वह मायके पहुँची थी, ताकि उसके बच्चे का इलाज हो सके।
वहीं लोकल लोगों में चर्चा है कि नवजात बच्चे के इलाज कराने को लेकर घर मे कलह होती रहती थी। नवजात की बॉडीदेख उसकी मां गीता पूरी तरह से टूट गई थी। इसके बाद वह अपने माता-पिता और बहन को ही अपने बच्चे की मौत का दोषी मान चीखने चिल्लाने लगी। इससे बेटी और माता-पिता के बीच विवाद बढ़ा और फिर सभी ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की।