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धनबाद। कर्नाटक में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के विरोध में रविवार की शाम वासेपुर में विरोध मार्च निकाला गया। इसका आयोजन वासेपुर स्टूडेंट यूथ फ्रंट, वासेपुर हेल्पिंग सोसाइटी एवं मोहम्मदी ट्रस्ट की ओर से किया गया। 

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विरोध मार्च आरा मोड़ से सुभाष चौक तक निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, लड़कियां और पुरुष शामिल थे। विरोध मार्च में शामिल लोग कर्नाटक सरकार और आरएसएस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। विरोध मार्च में बड़ी संख्या में वासेपुर की महिलाएं और लड़कियां शामिल हुईं। ये सब हाथ में तख्तियां ली हुई थीं। तख्तियों पर लिखा था-Hijab Is Our Right, It Is Our Choice.

कर्नाटक गवर्नमेंट का काम संविधान के खिलाफ

बिल्किस खानम ने कहा कि क्या हम औरतें अब अपनी मर्ज़ी से कपड़ा नहीं पहन सकते। अब सरकार बतायेगी कि हमें क्या पहनना है? अक्सर चुनाव के समय ही मुस्लिमों को ही क्यों टारगेट किया जाता है। वासेपुर हेल्पिंग सोसाइटी के अध्यक्ष सईद साजिद ने कहा कि हमारा भारत देश संविधान से चलता है और इस संविधान में आर्टिकल 25 हमें यह इज़ाज़त देता है कि हम क्या खाएं और क्या पहने ? ये कर्नाटक सरकार संविधान के खिलाफ काम कर रही है। 
प्रदर्शन में मासस के रुस्तम अंसारी, कांग्रेस के अफ़ज़ल खान, अल्तमस, सईद सैफ आरज़ू, हंजला बिन हक, मुर्तुज़ा खान, एजाज अली, बिलकिस खानम, सईद शाहबाज़, साथी फाउंडेशन के अध्यक्ष इरफ़ान आलम उपस्थित थे।

कर्नाटक के उडुपी के कालेज से शुरू हुआ विवाद

कर्नाटक के कई कॉलेजों में हिजाब पहनकर आने वालीं लड़कियों को कालेज में एंट्री नहीं दी जा रही है। हिजाब के जवाब में हिंदू लड़कियां केसरिया दुपट्टा पहनकर आने लगी हैं। विवाद की शुरुआत उडुपी के एक कालेज से हुई थी, जहां जनवरी में हिजाब पर बैन लगा दिया था। इस मामले के बाद उडुपी के ही भंडारकर कालेज में भी ऐसा ही किया गया। अब यह बैन शिवमोगा जिले के भद्रवती कालेज से लेकर तमाम कालेज तक फैल गया है। यह मामला कोर्ट कचहरी भी भी चल रहा है।