Highlights:

  • टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी फायरिंग
  • दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने दो युवतियों समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया
  • पुलिस के अनुसार, अमृतसर से पिस्टल और 20 कारतूस की व्यवस्था की गई थी
  • चारों आरोपितों को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई पुलिस को सौंपा गया

मुंबई/नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच एजेंसियों को हथियारों की सप्लाई करने वाले कथित नेटवर्क के संबंध में अहम जानकारी मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में दो युवतियों समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि अमृतसर से पिस्टल और 20 कारतूस की व्यवस्था करने के बाद उन्हें युवतियों के माध्यम से मुंबई पहुंचाया गया था।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कुणाल (21), सुमित (19), राधा (23) और बबीता (23) के रूप में हुई है। कुणाल और सुमित हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि राधा उत्तर प्रदेश के सीतापुर और बबीता आजमगढ़ की निवासी है। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी, मुंबई की टीम ने अदालत से आरोपितों की हिरासत में पूछताछ और औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद चारों को गिरफ्तार कर तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाने की प्रक्रिया पूरी की गई।

18 अक्टूबर की शाम जुहू में हुई थी फायरिंग

टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग हुई थी। घटना के दौरान अभिनेता बाल-बाल बच गए थे। घटना में उनके ड्राइवर समेत दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। फायरिंग के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और हमलावरों तक पहुंचने के साथ-साथ हथियारों की व्यवस्था करने वाले लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की। इसी जांच के दौरान हथियारों की कथित सप्लाई और आरोपितों के बीच संपर्कों से जुड़े पहलुओं का पता लगाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियों के मुताबिक, मामले में केवल फायरिंग करने वालों की भूमिका ही नहीं, बल्कि हथियार जुटाने, उन्हें मुंबई तक पहुंचाने और घटना के बाद आरोपितों की आवाजाही में मदद करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

अमृतसर से जुटाई गई थी पिस्टल और 20 कारतूस

पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र के निवासी कुणाल ने कथित तौर पर अनिल पंडित के निर्देश पर अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस की व्यवस्था की थी। इसके बाद हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए राधा और बबीता की मदद ली गई। आरोप है कि कुणाल ने दोनों युवतियों को हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए तैयार किया। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि हथियार को एक युवती के बैग में रखकर रेल मार्ग से मुंबई ले जाया गया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार किससे खरीदा गया, उसकी व्यवस्था करने में और कौन लोग शामिल थे तथा फायरिंग की साजिश में प्रत्येक आरोपित की क्या भूमिका थी।

एन्क्रिप्टेड एप के जरिए संपर्क में रहने का आरोप

जांच के दौरान कुणाल और अनिल पंडित के बीच संपर्क की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच एन्क्रिप्टेड एप के माध्यम से बातचीत होती थी और कुणाल कथित तौर पर अनिल के निर्देशों पर काम कर रहा था। बताया गया है कि कुणाल हाल ही में एक मामले में जेल से जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद हरसाना गांव के एक परिचित के माध्यम से उसकी पहचान अनिल पंडित से हुई। बाद में दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और वे एन्क्रिप्टेड एप के जरिए बातचीत करने लगे। पुलिस इस संपर्क की प्रकृति, बातचीत के विवरण और कथित साजिश में अनिल पंडित की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और जांच से जुड़े दावों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है।

15 अक्टूबर को दिल्ली से रवाना हुई थीं दोनों युवतियां

पुलिस के अनुसार, कुणाल ने राधा को हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए तैयार किया था। आरोप है कि 15 अक्टूबर को वह राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा। पिस्टल राधा के बैग में रखी गई थी। जांच में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, दोनों युवतियां 17 अक्टूबर को मुंबई पहुंचीं और अगले दिन यानी 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई।

फायरिंग के बाद आरोपितों की आवाजाही और उनके संभावित ठिकानों की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद दोनों युवतियां दिल्ली लौट रही थीं। इसी दौरान 20 अक्टूबर को उन्हें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियारों की सप्लाई और घटना के बाद आरोपितों को निकालने की कथित योजना में किस-किस व्यक्ति की भूमिका थी।

हमलावरों को निकालने की व्यवस्था करने का भी आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, फायरिंग की घटना के बाद अनिल पंडित ने कथित तौर पर कुणाल से संपर्क किया था। आरोप है कि हमलावरों के मुंबई में फंसने की सूचना मिलने के बाद उनके निकलने की व्यवस्था करने को कहा गया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि फायरिंग के बाद आरोपितों की मदद के लिए किस तरह की योजना बनाई गई थी और इसमें किन लोगों ने सहयोग किया। हथियारों की आपूर्ति, कथित निर्देशों और घटना के बाद की गतिविधियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां तलाशने का प्रयास किया जा रहा है।

अदालत में पेशी के बाद मुंबई पुलिस को सौंपे गए चारों आरोपी

दिल्ली पुलिस के अनुसार, चारों आरोपितों को अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी, मुंबई की टीम ने उनसे हिरासत में पूछताछ और औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। अदालत से अनुमति मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने चारों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाने की अनुमति दी गई, ताकि मामले में आगे की पूछताछ की जा सके। पुलिस अब आरोपितों से हथियारों की खरीद, सप्लाई नेटवर्क, कथित साजिश और घटना में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी।

कोटा रेलवे स्टेशन से पहले भी गिरफ्तार हुए थे तीन आरोपी

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में इससे पहले राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उन्हें भी मुंबई पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अब दो युवतियों और दो युवकों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा हथियारों की सप्लाई, कथित मददगारों और आरोपितों के आपसी संपर्कों तक पहुंच गया है। पुलिस लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित के संपर्कों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।

हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक पहुंची जांच की कड़ियां

इस मामले में गिरफ्तार आरोपितों के अलग-अलग राज्यों से जुड़े होने के कारण जांच एजेंसियां उनके संपर्कों और गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। कुणाल और सुमित का संबंध हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र से बताया गया है, जबकि राधा सीतापुर और बबीता आजमगढ़ की रहने वाली है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपितों के बीच संपर्क कैसे स्थापित हुआ, हथियारों की व्यवस्था किसके निर्देश पर की गई और फायरिंग की घटना में प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका रही।

फिलहाल, मामले में जांच जारी है। आरोपितों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका, हथियारों के स्रोत और कथित साजिश से जुड़े तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है। सभी आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।