बिहारशरीफ। बिहार नालंदा जिले के नूरसराय हॉस्पिटल में अफसरों की आंखों में धूल झोंककर श्यामनंदन प्रसाद 17 साल तक बतौर चतुर्थ वर्गीय कर्मी बनकर सेवा देता रहा। भाई जगदानंद प्रसाद की साली संगीता देवी डीएम से कंपलेन किया तो मामले का खुलासा हो गया। मामले में एफआइआर दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है।
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भाई जगदानंद प्रसाद की साली संगीता देवी डीएम से शिकायत की। महिला के आवेदन पर डीएम ने तत्कालीन सीएस को जांच का आदेश दिया। जांच में चौंकाने वाले कई तथ्य सामने आये हैं।वह जिस भाई की जगह पर इतने दिनों से नौकरी कर रहा था, उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी।आरोपी 19 दिसंबर 2001 से 17 जनवरी 2018 तक नौकरी करता रहा। जांच के बाद तत्कालीन चिकित्सा पदाधिकारी डा. इंद्रदीप नारायण चौधरी ने नूरसराय पुलिस स्टेशन में जालसाजी का मामला दर्ज कराया था।
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मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था। नूरसराय पुलिस ने सूचना पर बिहार थाना के इमादपुर मोहल्ले के निजी घर से उसे मंगलवार की रात धर दबोचा।हालांकि, बुजुर्ग श्यामनंदन प्रसाद खुद को आज भी जगदानंद प्रसाद बता रहा है। उसने खुद को जगदानंद प्रसाद साबित करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहां उसके मामले की सुनवाई लंबित है।