भागलपुर। बिहार क भागलपुर में एसएसपी ऑफिस में पोस्टेड महिला पुलिस कांस्टेबल नीतू ठाकुर ने उसके दोनों बच्चों और सास की चाकू से गला रेतकर व ईंट से कूचकर मर्डर कर डाला। इससे आक्रोशित महिला कांस्टेबल के हसबैंड पंकज सिंह ने नीतू की गला रेतकर मर्डर कर दी और  खुद भी फांसी लगा ली। महिला कांस्टेबल के हसबैंड ने सुसाइडल नोट में नीतू के अवैध संबंध की बात कही है। घटना नीतू ठाकुर के सरकारी क्‍वार्टर में हुई है। 
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पुलिस लाइन के क्वार्टर में मिली पांच डेड बॉडी
भागलपुर पुलिस लाइन के क्वार्टर नंबर CB-38 में कांस्टेबल नीतू अपने हसबैंड पंकज सिंह, दो बच्चे व सास के साथ रहती थी। नीतू समेत उसकी सास और दोनों बच्चे व हसबैंत की बॉडी इसी क्वार्टर से मंगलवार को बरामद हुआ है। नीतू, उसके दोनों बच्चे और नीतू की सास का गला रेता हुआ मिला। जबकि नीतू के हसबैंड पंकज का बॉ़डी फंदे से लटका मिला। कयास लगाये जा रहे हैं कि नीतू ने अपने दोनों बच्चों व मां की गला रेतकर मर्डर कर दिया इसके बाद नीतू के हसबैंड पंकज ने सुसाइड कर ली। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पंकज ने ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है। गला काट मर्डर को अंजाम देने के बाद उसने अपनी वाइफ को फंसाने के लिए सुसाइड नोट छोड़ा था। ऐसा इसलिए क्योंकि वो अपने बच्चों और बुजुर्ग महिला की मर्डर का आरोप अपने ऊपर नहीं ले सकता था।
पुलिस के सीनीयर अफसर घटनास्थल  पहुंच मामले की छानबीन किया। एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंच एवीडेंस जुटायी है। नीतू पुलिस मेंस एसोसिएशन में अंकेक्षक के पद पर थीं। बताया जाता है कि नीतू ने पंकज से लव मैरिज किया किया था। डीआइजी विवेकानंद  ने बताया कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। नीतू 2016 बैच की कांस्टेबल थी। वह बक्सर की रहने वाली थी। बाप का साया बचपन में ही हट जाने के बाद आरा जिला निवासी पंकज पड़ोस के बक्सर जिले में मॉल में नौकरी करने लगा था, जहां उसकी मुलाकात नीतू से हुई थी। नीतू और पंकज एक दूसरे को दिल दे बैठे थे। प्यार को परवान चढ़ाते हुए दोनों ने जाति बंधन को तोड़ते हुए शादी कर ली। हसबैंड पंकज कुमार बेरोजगार थे। जब नीतू का चयन पुलिस में हो गया, तो दोनों भागलपुर शिफ्ट हो गये ।बक्सर जिले की रहनेवाली नीतू ने लगभग नौ साल पहले पंकज से प्रेम विवाह किया था।
मॉल में हुआ प्यार, पुलिस कॉन्स्टेबल बनी नीतू तो पकंज से की शादी
बताया जाता है कि नीतू और पकंज पहले एक मॉल में काम करते थे। यहीं पर दोनों के बीच प्रेम परवान चढ़ा। मॉल में नौकरी करते-करते ही नीतू ने कॉन्स्टेबल की एग्जाम पास कर ली। वह सिपाही बन गई।अपनी ट्रेनिंग खत्म होने के बाद नीतू नेआरा के रहनेवाले अपने प्रेमी पंकज से शादी रचा ली थी। ट्रेनिंग के बाद 2016 में नीतू का ट्रांसफर भागलपुर जिला बल में हो गया। महिला पुलिस कांस्टेबल नीतू नवगछिया में पोस्टेड थी। वर्ष 2022 में उसका ट्रांसफर भागलपुर पुलिस बल में हो गया था। कहा जा रहा है कि पंकज को यह शक था कि उसकी वाइफ नीतू का किसी से अवैध संबंध है।
सुसाइड नोट में हसबैंड ने लगया महिला कांस्टेबल पर गंभीर आरोप
मरने से पहले पंकज कुमार ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था। पंकज ने सुसाइड लिखा है कि उसकी वाइफ नीतू कुमारी ने अपने बच्चों और मां की मर्डर की है। इस बात से गुस्सा होकर उसने ईंट से हमला कर वाइफ को मार डाला और फिर खुद सुसाइड कर ली। उसमें उसने अपनी वाइफ नीतू के अवैध संबंध होने का जिक्र किया है। हत्या की बात को स्वीकार किया है।नवहीं नीतू के पड़ोस में रहने वाले पुलिसकर्मियों ने पुलिस को बताया है कि नीतू और उसके पति के बीच अक्सर झगड़ा होता था। सोमवार की शाम को भी दोनों झगड़े थे। दोनों के झगड़े आए दिन सड़क पर दिखते थे।
दूध वाला पहुंचा को घर के अंदर से नहीं आयी आवाज
जब नीतू का दूध वाला क्वार्टर नंबर - CB/38 के बाहर पहुंचा। उसने दरवाजा खटखटाया तो घर के अंदर से किसी ने भी कोई जवाब नहीं दिया। दुधवाले ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सीनीयर पुलिस अफसरों को भी सूचना दी गई। सीनीयर पुलिस अफसरों की मौजूदगी में घर का दरवाजा तोड़ा गया। घर की छत से पंकज लटका हुआ था। उसकी वाइफ और दो बच्चे खून से लथपथ पड़े हुए थे। एक बुजुर्ग महिला भी खून से सनी वहां पड़ी हुई थीं। क्राइम सीन को देखकर यह पता चल रहा था कि किसी धारदार हथियार से हमला किया गया था। भागलपुर रेंज के डीआईजी, विवेकानंद ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह बात सामनेआई है कि युवक पंकज को अपनी वाइफ पर शक था कि उसके अवैध संबंध है। 2016 बैच की कॉन्स्टेबल नीतू बक्सर जिले की रहनेवाली थी। उसने लगभग नौ साल पहले पंकज से प्रेम विवाह किया था।
DIG ने बताया कि जब पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंची तब कॉन्स्टेबल और उनके दो बच्चों की बॉडी बिस्तर पर पड़ी थी। वही नीतू की मां की बॉडी दूसरे कमरे के बिस्तर पर पड़ी हुई थी। सभी डेड बॉडी के गले पर तेज धार वाले हथियार से हमले का निशान था। नीतू के हसबैंड ने फंदे से लटक कर सुसाइड कर ली थी। डीआईजी ने बताया कि अभी तक की जांच मेंयह पता चला है कि महिला कॉन्स्टेबल एक अन्य कॉन्स्टेबल के प्यार में थी। दोनों हाल ही में जिलेसेबाहर घूमते भी देखे गयेए थे। इस कॉन्स्टेबल से पूछताछ हो रही है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किये गये चाकू को बरामद कर लिया है। फॉरेंसिक विभाग की टीम को इस चाकू पर खून के निशान मिले हैं।जबकि इस हथियार को क्राइम के बाद धोया गया था। डीआईजी बताया कि सुसाइड नोट मोबाइल फोन के नीचे रखा गया था।
नवगछिया में तैनाती बाद से पंकज से दूर होने लगी थी नीतू 
बताया जाता है कि नवगछिया में तैनाती बाद से नीतू पंकज से दूर होने लगी थी। पुलिस एसोसिएशन के चुनाव और डेलिगेट्स बनने के बाद उसकी दूरी बनने लगी थी। दो बच्चों में बड़े शिवांश को पढ़ाई के लिए एक महिला टीचर को भी क्वार्टर पर बुलाया करता था, लेकिन नीतू के साथ रिश्ते की तलखी बढ़ जाने के बाद बच्चों पर भी असर होने लगा था। मैडम ने घर पर ट्यूशन देना छोड़ दिया। बेटे शिवांश को टेक्नो मिशन में दाखिला दिला दिया था। बेटी बुच्ची को वह खुद घंटों गोद में रखता था। नीतू जब क्वार्टर आती तो एसी आन कर अपने बेड पर मोबाइल में खो जाया करती थी। अवध की माने तो पंकज से नीतू पूरी तरह विमुख हो चली थी। अब वह अपनी नौकरी पर भाव खा पंकज को तिरस्कृत करने लगी थी। उसे बात-बात पर दुत्कारना, उसे दूसरे शहर में जाकर कमाने को कहती। उसे क्वार्टर पर देखना नहीं चाहती थी।
पंकज ने ने अपने दोस्त को को बताया था कि अब उसके क्वार्टर में रहने से नीतू की उच्च-श्रृंखलता में खलल पड़ने लगी थी। पुलिस क्लब के समीप सोमवार की शाम दोनों में धक्का-मुक्की की नौबत आ गई थी। पंकज ने नीतू को उसके उस दोस्त के साथ देख लिया था जिसने वाइफ-हसबैड के रिश्ते के बीच में जगह बनाते हुए अशांति पैदा कर रखी थी। पंकज आगबबूला हो नीतू को भला-बुरा कहने लगा था, जिसपर नीतू गाली-गलौज पर उतर आई थी।
शक ने लील लिया हंसता-खेलता परिवार

नीतू अपने ननिहाल बक्सर में ही पली-बढ़ी थी। नीतू का एकलौता भाई सेना में है। एक बहन अविवाहित है। दो बहनों की शादी हो गई है, दोनों गृहिणी हैं। नीतू की मां ज्ञांति देवी ने बताया कि वह मूल रूप से सारण के राजापट्टी थाना अंतर्गत हरपुर जान गांव की हैं।

हसबैंड के निधन के बाद मायके आ गई थी नीतू की मां

जनवरी 2003 में पति रामजनम ठाकुर के निधन के बाद ज्ञांति  देवी ने चार पुत्रियों और एक पुत्र की परवरिश के लिए बक्सर में नई बाजार के तातो मोहल्ले में पिता गणेश ठाकुर के घर आ गई। तब से सपरिवार यहीं रह रही हैं।सबसे बड़ी बेटी से दूसरे नंबर पर नीतू ने बक्सर में ही स्नातक की शिक्षा प्राप्त की थी। उसका इंटर कास्ट लव मैरिज भोजपुर के मझियांव निवासी पंकज सिंह के साथ हुआ था। शादी के बाद 2015 में उसका चयन सिपाही के पद पर हो गया। पहली पोस्टिंग नवगछिया में हुई थी, तीन वर्ष पहले उसका ट्रांसफर भागलपुर पुलिस लाइन में हुआ था। नीतू का एक छह साल का पुत्र शिबू और ढाई साल की पुत्री श्रेया थी। 

ज्ञांति देवी ने बताया कि पुलिस की नौकरी होने के कारण प्राय: लाइन से नीतू को फोन आता रहता था। बेरोजगार पति को हर कॉल पर शंका होती थी कि यह नीतू के किसी प्रेमी का है। इस बात पर दोनों के बीच आए दिन विवाद होता रहता था, इसकी जानकारी मिलने पर कई बार उन्होंने खुद जाकर दोनों के बीच समझौता कराया था।मां ने बताया कि वे बार-बार दामाद को समझाती थीं कि शक की बीमारी बहुत बुरी चीज है और घर की सारी खुशियां छीन लेगी। अंतत: इसका इस तरह दुखद अंत होगा, यह अनुमान भी नहीं था।