Advertisement
  • सीएम ने अपनी पार्टी के एमएलए को किया आश्वस्त

पटना। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार को इस चर्चा को खारिज कर दिया कि जेडीयू और आरजेडी का विलय होने जा रहा है। जेडीयू विधायक दल की बैठक में सीएम ने कहा कि जेडीयू व आरजेडी के विलय की कोई बात नहीं है।

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें:मैं देश का हूं, देश के लिए खेलता हूं: ईशान किशन 

सीएम ने कहा कि जेडीयू किसी भी दल से कमजोर नहीं। हमारी अलग पहचान है। वैसे 2024 के आम चुनाव में वह संपूर्ण विपक्ष को एकजुट कर उन्हें एक प्लेटफार्म पर लाने का काम करते रहेंगे। नीतीश ने कहा कि 2014-15 में जेडीयू और आरजेडी को एक साथ लाने की कोशिश की गई थी, पर वह सफल नहीं हो सकी। वर्तमान में इस तरह की कोई बात नहीं है।

मजबूती से रहेंगे तो सभी सीटों पर होगी जीत

सीएम ने अपने एमएलए से कहा कि अगर मजबूती से रहेंगे तो सभी सीटों पर जीत होगी। हम लोगों ने सभी लोगों और क्षेत्र के लिए काम किया है। लोगों को सही तरीके से इसे बताना जरूरी है कि किस तरह से विकास और सोशल सेक्टर में काम हुए हैं।

 मिशन 2024 के लिए लगे रहेंगे

सीएम ने कहा कि 2024 के आम चुनाव के लिए वह देश भर के विपक्षी दलों को एक प्लेटफार्म पर लाने की कोशिश में लगे रहेंगे। इस अभियान के लिए उनकी यात्राएं होती रहेंगी। सीएम ने कहा कि बिहार में शराबबंदी के बीच जहरीली शराब से हुई मौत पर चर्चा हो रही है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि जिन राज्यों में शराबबंदी नहीं है, वहां जहरीली शराब से मौत की घटनाएं नहीं हुई हैं क्या?

सीएम नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि एआईएमआईएम बीजेपी के लिए काम करती है। लोगों को समझना चाहिए कि मुस्लिम वोटों का बिखराव ही उसका ध्येय है। नीतीश कुमार ने कहा कि विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं। अगर विपक्ष एकजुट हुआ तो देश बीजेपी मुक्त हो जायेगा। उन्होंने पार्टी विधायकों, विधान पार्षदों को आह्वान किया कि वह संगठन को मजबूत करने में अपनी ताकत झोंकें। उन्होंने कहा कि हम पार्टी और सरकार द्वारा किये गये कामों का अमजनों के बीच प्रचार करेंगे। सीएम ने ऐलान किया कि शीघ्र ही वह अपनी यात्रा प्रारंभ करेंगे।आमलोगों से भी मिलेंगे, कार्यकर्ताओं सेभी। विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।

 उल्लेखनीय है कि जेडीयू और आरजेडी के विलय को लेकर यह चर्चा थी कि दोनों दल एक साथ लोकसभा का चुनाव भी लड़ेंगे। चर्चा यह भी थी कि लोकसभा की सीटों को लेकर आपस में दोनों दलों की बात भी हुई है। परंतु मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जदयू की एक अलग पहचान है। वह किसी भी दल से कम नहीं। हमारी कोशिश है कि अधिक से अधिक लोग एक साथ आकर चुनाव लड़ें।